हर Landing page को चाहिए कन्वर्ज़न बढ़ाने वाले ये 5 एलिमेंट
एक सफल landing page बनाते समय कुछ ऐसे एलिमेंट होते हैं जो आपका कन्वर्ज़न रेट काफ़ी बढ़ा सकते हैं। इन्हें इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि वे आपके विज़िटर्स का ध्यान खींचें और उन्हें एक्शन लेने के लिए प्रेरित करें।
एक सफल landing page बनाते समय कुछ ऐसे एलिमेंट होते हैं जो आपका कन्वर्ज़न रेट काफ़ी बढ़ा सकते हैं। इन्हें इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि वे आपके विज़िटर्स का ध्यान खींचें और उन्हें एक्शन लेने के लिए प्रेरित करें। इस ब्लॉग पोस्ट में हम कन्वर्ज़न बढ़ाने वाले उन 5 सबसे अहम एलिमेंट की बात करेंगे जो हर landing page में होने चाहिए।
1. CTA बटन:

कॉल-टू-एक्शन (CTA) बटन landing page के सबसे अहम एलिमेंट में से हैं। ये विज़िटर्स को सीधे वह एक्शन करने का न्योता देते हैं जो आप चाहते हैं, जैसे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करना, कोई प्रोडक्ट ख़रीदना या कोई रिसोर्स डाउनलोड करना। असरदार होने के लिए CTA बटन देखने में आकर्षक हों, ऐसी जगह रखे जाएँ जहाँ वे आसानी से दिखें, और ऐसे दमदार शब्दों का इस्तेमाल करें जो एक्शन लेने के फ़ायदे साफ़ बताएँ।
उदाहरण के लिए, “सबमिट करें” जैसे आम बटन की जगह “अभी अपनी फ़्री गाइड पाएँ” या “अपना फ़्री ट्रायल शुरू करें” जैसे एक्शन पर केंद्रित शब्दों का इस्तेमाल करें। बटन का रंग और साइज़ भी मायने रखता है; उसे बाक़ी पेज से अलग दिखना चाहिए और आसानी से पहचाना जाना चाहिए। इसके अलावा, CTA बटन की जगह भी बेहद अहम है; उन्हें वहाँ रखें जहाँ यूज़र्स की नज़र सबसे ज़्यादा पड़ने की संभावना हो, जैसे पेज के सबसे ऊपर, कंटेंट के बीच में, और सबसे नीचे, जब यूज़र आपका कंटेंट देख चुका हो।
2. काउंटडाउन:

अपने landing page पर काउंटडाउन टाइमर लगाने से जल्दबाज़ी का एहसास पैदा होता है और विज़िटर्स तुरंत एक्शन लेने के लिए प्रेरित होते हैं। काउंटडाउन टाइमर सीमित समय के प्रमोशन, फ़्लैश सेल और तय डेडलाइन वाले इवेंट के लिए बहुत काम आते हैं। चलती हुई घड़ी दिखाने से कमी का एहसास बनता है और विज़िटर्स मौक़ा हाथ से निकलने से पहले जल्दी क़दम उठाने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।
काउंटडाउन टाइमर कुछ छूट जाने का डर (FOMO) जगा सकता है, जिससे विज़िटर्स ज़्यादा जल्दी फ़ैसला लेते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप सीमित समय की छूट दे रहे हैं, तो काउंटडाउन दिखा सकता है कि डील ख़त्म होने में कितना समय बचा है। यह रणनीति तब और भी असरदार हो जाती है जब इसे “50% बचाने के लिए सिर्फ़ 2 घंटे बाक़ी!” या “जल्दी कीजिए, सेल जल्द ख़त्म होने वाली है!” जैसे दमदार शब्दों के साथ जोड़ा जाए।
3. फ़ॉर्म/पॉपअप:
फ़ॉर्म

फ़ॉर्म ऐसे वेब एलिमेंट हैं जिनमें विज़िटर्स जानकारी भर सकते हैं। ये डिजिटल प्रश्नावली की तरह हैं, जिनसे आप अलग-अलग मक़सद के लिए यूज़र्स से डेटा इकट्ठा कर सकते हैं। इनकी मुख्य बातें ये हैं:
- मक़सद: विज़िटर्स की जानकारी इकट्ठा करना और Leads (संभावित ग्राहक) जुटाना।
- फ़ायदे:
- उनकी जानकारी के बदले आप कीमती कंटेंट (जैसे ebook या डिस्काउंट) दे सकते हैं।
- इससे आपको मार्केटिंग के लिए ईमेल लिस्ट बनाने में मदद मिलती है।
- कन्वर्ज़न के लिए ऑप्टिमाइज़ेशन:
- इन्हें छोटा और सरल रखें, जितने कम फ़ील्ड हो सकें उतने (नाम और ईमेल से शुरू करें)।
- ज़्यादा जानकारी बाद में माँगें, जब आप Lead की नर्चरिंग कर रहे हों।
पॉपअप

पॉपअप ऐसी विंडो होती हैं जो किसी वेबसाइट के कंटेंट के ऊपर दिखाई देती हैं। इनका इस्तेमाल अलग-अलग मक़सद के लिए हो सकता है, लेकिन यहाँ इनसे विज़िटर्स की जानकारी इकट्ठा की जाती है। आइए इन्हें क़रीब से देखें:
- मक़सद: फ़ॉर्म की तरह ये भी विज़िटर्स की जानकारी इकट्ठा करते हैं, लेकिन ज़्यादा लक्षित तरीक़े से।
- ट्रिगर: पॉपअप अलग-अलग घटनाओं से ट्रिगर हो सकते हैं: एग्ज़िट-इंटेंट: यह तब दिखता है जब विज़िटर टैब/विंडो बंद करने के लिए कर्सर को उस ओर ले जाता है।
- समय-आधारित: यह तब दिखता है जब विज़िटर वेबसाइट पर एक तय समय बिता चुका हो।
- असरदार होना: कुछ कीमती चीज़ (डिस्काउंट, ebook) ऑफ़र करें ताकि लोग इसे भरने के लिए प्रेरित हों।
- पक्का करें कि पॉपअप वेबसाइट पर विज़िटर की दिलचस्पी से जुड़ा हो।
संक्षेप में, फ़ॉर्म और पॉपअप दोनों जानकारी इकट्ठा करते हैं, लेकिन पॉपअप ज़्यादा लक्षित तरीक़ा है, जो यूज़र की विज़िट के ख़ास पलों में दिखता है।

विज़िटर के अनुभव को पर्सनलाइज़ करना एक असरदार मार्केटिंग रणनीति है, जो ध्यान खींच सकती है, एंगेजमेंट बढ़ा सकती है और आख़िरकार ज़्यादा कन्वर्ज़न दिला सकती है। पर्सनलाइज़ेशन का एक तरीक़ा है विज़िटर की लोकेशन या दूसरी जानकारी को डायनेमिक रूप से दिखाना।
LanderLab इस काम को आसान बना देता है। आप अपने landing page के टेक्स्ट में सीधे डायनेमिक प्लेसहोल्डर डाल सकते हैं। जब विज़िटर पेज देखता है, तो ये प्लेसहोल्डर अपने-आप उसकी जानकारी से बदल जाते हैं। इससे महंगी थर्ड-पार्टी सेवाओं की ज़रूरत नहीं रहती और आपका अपने landing page के कंटेंट पर ज़्यादा नियंत्रण रहता है।
LanderLab में डायनेमिक प्लेसहोल्डर इस्तेमाल करने के कुछ उदाहरण ये हैं:
- लोकेशन के हिसाब से विज़िटर्स को टारगेट करें: “LanderLab में आपका स्वागत है, [विज़िटर का शहर] से आए विज़िटर्स! हमें आपको पेश करते हुए बेहद ख़ुशी है…”
- डिवाइस कम्पैटिबिलिटी दिखाएँ: “यह landing page [विज़िटर का डिवाइस] समेत सभी डिवाइस के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है।”
- कॉल टू एक्शन को पर्सनलाइज़ करें: “आज ही अपने [विज़िटर का ऑपरेटिंग सिस्टम] डिवाइस पर LanderLab के साथ शुरुआत करें!”
5. सोशल प्रूफ़:

अपने landing page पर सोशल प्रूफ़ शामिल करने से विश्वसनीयता और भरोसा काफ़ी बढ़ सकता है। ग्राहकों के टेस्टिमोनियल, रिव्यू, केस स्टडी और जाने-माने क्लाइंट या पार्टनर के लोगो, ये सब सोशल प्रूफ़ के उदाहरण हैं। अच्छी टिप्पणियाँ दिखाकर और यह साबित करके कि दूसरों का आपके प्रोडक्ट या सेवा के साथ अनुभव अच्छा रहा है, आप संभावित ग्राहकों के मन में आने वाले सवालों और हिचक को दूर कर सकते हैं।
टेस्टिमोनियल में “सिर्फ़ तीन महीनों में हमारी बिक्री 30% बढ़ गई!” या “हफ़्ते में 10 घंटे से ज़्यादा बचाने में मदद मिली।” जैसी ख़ास जानकारी हाइलाइट करें। ग्राहकों की तस्वीरें या नामी कंपनियों के लोगो लगाने से भरोसा बढ़ता है। हो सके तो वीडियो टेस्टिमोनियल इस्तेमाल करें, क्योंकि वे और भी ज़्यादा असरदार हो सकते हैं। इसके अलावा, संतुष्ट ग्राहकों की संख्या या सोशल मीडिया फ़ॉलोअर्स दिखाने से भी भरोसेमंद छवि और मज़बूत हो सकती है।
निष्कर्ष
कन्वर्ज़न बढ़ाने वाले इन पाँच कंपोनेंट को अपने landing page में शामिल करने से विज़िटर्स को ख़रीदारों में बदलने की उसकी क्षमता काफ़ी बढ़ सकती है। आकर्षक CTA बटन, जल्दबाज़ी का एहसास बनाने वाले काउंटडाउन टाइमर, Leads जुटाने वाले फ़ॉर्म और पॉपअप, ख़ास ख़ूबियों को उभारने वाले डायनेमिक कॉलआउट और सोशल प्रूफ़ का इस्तेमाल करके आप अपने landing page को बेहतरीन कन्वर्ज़न के लिए ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं।
याद रखें कि इन फ़ीचर्स को लगातार टेस्ट और ऑप्टिमाइज़ करते रहें, ताकि आपकी कंपनी को सबसे अच्छे नतीजे मिलें। A/B टेस्टिंग से पता लगाएँ कि आपके landing page के एलिमेंट के कौन-से वेरिएशन सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं, और फिर कन्वर्ज़न रेट बढ़ाने के लिए डेटा के आधार पर फ़ैसले लें। अच्छी तरह ऑप्टिमाइज़ किए गए landing page से आप ज़्यादा लोगों को वफ़ादार ग्राहकों में बदल सकते हैं और अपनी ऑनलाइन मार्केटिंग की असरदारी बढ़ा सकते हैं।
अपने landing page के कन्वर्ज़न आसमान छूना चाहते हैं? LanderLab आपको हाई-कन्वर्टिंग landing page बनाने के लिए ज़रूरी सारे टूल देता है, जिनमें नज़र खींचने वाले CTA, काउंटडाउन, Leads जुटाने वाले फ़ॉर्म, डायनेमिक कॉलआउट और भरोसा बनाने वाला सोशल प्रूफ़ जैसे तैयार एलिमेंट शामिल हैं।
साथ ही, LanderLab की आसान A/B टेस्टिंग आपकी ख़ास ऑडियंस के लिए एलिमेंट का सबसे सही मेल खोजने में मदद करती है।



