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Splash Page बनाम Landing Page: क्या फ़र्क है?

क्या आपने कभी किसी वेबसाइट पर जाकर अंदर घुसने से पहले फ़ुल-स्क्रीन पॉप-अप देखा है? वह splash page है, ध्यान खींचने के लिए बनाया गया एक छोटा संदेश। आपने शायद कभी कोई विज्ञापन क्लिक किया होगा और ऐसे पेज पर पहुँचे होंगे जिसने आपको साइन अप या खरीदारी की ओर बढ़ाया।

Anxhela Tomani10 मिनट में पढ़ें

क्या आपने कभी किसी वेबसाइट पर जाकर अंदर घुसने से पहले फ़ुल-स्क्रीन पॉप-अप देखा है? वह splash page है, ध्यान खींचने के लिए बनाया गया एक छोटा संदेश।

आपने शायद कभी कोई विज्ञापन क्लिक किया होगा और ऐसे पेज पर पहुँचे होंगे जिसने आपको साइन अप या खरीदारी की ओर बढ़ाया। वह landing page है, जो विज़िटर्स को leads या ग्राहकों में बदलने के लिए बना होता है।

Splash page और landing page, दोनों मार्केटिंग की दुनिया में कीमती संसाधन हैं। दोनों अलग तरह से काम करते हैं और यूज़र के अनुभव पर अलग असर डालते हैं। यह जानना कि कब किसका इस्तेमाल करना है, बेहतर एंगेजमेंट और कन्वर्ज़न लाता है और आपकी मार्केटिंग रणनीति को मज़बूत बनाता है।

लक्ष्य चाहे leads जुटाना हो, ग्राहकों को कुछ नया पेश करना हो, या वेबसाइट विज़िटर्स को ऑर्डर की प्रक्रिया से गुज़ारना हो, सही पेज ही तय करता है कि लक्ष्य में सफलता मिलेगी या करारी नाकामी।

यह लेख Splash page और landing page के फ़र्क और हर एक को कब इस्तेमाल करना चाहिए, इस पर नज़र डालेगा। चलिए शुरू करते हैं।

Splash page क्या है?

Splash page वह पहला पेज हो सकता है जो साइट पर आने वाले विज़िटर का स्वागत करता है, या किसी कैंपेन की शुरुआती स्क्रीन भी।

यह यूज़र का ध्यान खींचता है, एक झटपट संदेश देता है और उसे आगे की कार्रवाई के लिए तैयार करता है। Splash page आमतौर पर नए प्रोडक्ट, सेवाएँ, इवेंट या प्रमोशन आसानी से और सरल तरीके से लॉन्च करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

Splash page को अलग बनाने वाली एक बात उनकी लंबाई है।

ये आमतौर पर छोटे और असरदार होते हैं, जिनमें चटक रंग, ग्राफ़िक्स और बहुत कम शब्द होते हैं। संक्षेप में, ये सीधे मुद्दे पर आते हैं।

Splash page का अंतिम लक्ष्य यूज़र्स को उनके अगले कदम तक पहुँचाना है, चाहे वह प्रोडक्ट पेज हो, कोई ख़ास ऑफ़र हो, या कन्वर्ज़न बढ़ाने के लिए बना कोई landing page।

Splash page का इस्तेमाल यूज़र्स से ईमेल इकट्ठा करने के लिए भी होता है, जिन्हें बाद में मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

दूसरे वेब पेजों के उलट, splash page लंबे इस्तेमाल के लिए नहीं होते।

ये अल्पकालिक होते हैं और मार्केटिंग कैंपेन के भीतर कुछ ख़ास लक्ष्य पाने के लिए बस थोड़े समय तक ही मौजूद रहते हैं।

चाहे नए प्रोडक्ट की घोषणा हो, मौसमी सेल का ऐलान हो, या शुरुआती दिलचस्पी जगानी हो, splash page यूज़र को ऐसा तेज़ मगर दमदार अनुभव देते हैं जो उन्हें और जानने की चाह के साथ छोड़ता है।

Landing page क्या है?

दूसरी ओर, landing page का मक़सद बहुत केंद्रित होता है।

जहाँ splash page का काम छाप छोड़ना है, वहीं landing page को एक ही लक्ष्य को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जाता है: कन्वर्ज़न।

चाहे ख़रीदारी हो, न्यूज़लेटर के लिए साइन अप हो, या कोई रिसोर्स डाउनलोड करना हो, landing page को यूज़र को किसी ख़ास कार्रवाई की ओर ले जाने के लिए ध्यान से बनाया जाता है।

Landing page किसी सेवा या प्रोडक्ट के बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं: वे सवालों के जवाब देते हैं, विज़िटर्स से सीधे बात करते हैं और उनकी संभावित आपत्तियों को सँभालते हैं।

ये यूज़र के सामने से हर तरह की भटकाने वाली चीज़ें हटा देते हैं, यानी अतिरिक्त लिंक और वह सब कुछ जो उसके फ़ैसले की प्रक्रिया में मार्गदर्शन के लिए सचमुच ज़रूरी नहीं है।

Landing page की सफलता का मतलब है यूज़र्स को जोड़े रखना और उन्हें कार्रवाई के लिए प्रेरित करना।

चाहे वह ऊँचे कन्वर्ज़न वाला सेल्स पेज हो, ऑप्ट-इन फ़ॉर्म हो या रजिस्ट्रेशन पेज, landing page का मुख्य उद्देश्य यूँ ही आने वाले विज़िटर्स को भुगतान करने वाले ग्राहकों या leads में बदलना है।

Splash page और landing page के बीच मुख्य अंतर

Splash page और landing page के बीच सबसे अहम फ़र्क उनका उद्देश्य है।

हालाँकि दोनों तरह के पेज यूज़र्स को कुछ ख़ास कार्रवाइयों तक ले जाने के लिए बने हैं, कस्टमर जर्नी में उनकी भूमिकाएँ काफ़ी अलग हैं।

कौन-सा पेज टाइप इस्तेमाल करना है, यह तय करते समय ध्यान में रखने लायक कुछ सबसे अहम अंतर ये हैं:

उद्देश्य और फ़ोकस

Splash page मुख्य रूप से ब्रांड के परिचय, प्रोडक्ट के टीज़र या झटपट प्रमोशन के लिए इस्तेमाल होते हैं। इन्हें बेबाक, ध्यान खींचने वाला और बेहद छोटे संदेशों वाला होना चाहिए, जो यूज़र्स को जल्दी से साइट या कैंपेन में और अंदर धकेल दें।

वहीं landing page का मुख्य फ़ोकस ज़्यादा कन्वर्ट करना है।

इन्हें यूज़र का ध्यान थामे रखने, उसे ज़रूरी सारी जानकारी देने और साफ़ तथा असरदार CTA के साथ उसके फ़ैसले की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करने के लिए बनाया जाता है।

डिज़ाइन और यूज़र एक्सपीरियंस

Splash page आमतौर पर विज़ुअल पर ज़ोर देते हैं और यूज़र को मोहित करके अगले कदम तक ले जाने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।

ये ज़्यादातर विज़ुअल्स पर निर्भर करते हैं, कॉपी बहुत कम होती है, और ध्यान खींचने के लिए अक्सर एनिमेशन या वीडियो जैसे डायनेमिक एलिमेंट इस्तेमाल होते हैं। यूज़र एक्सपीरियंस बहुत छोटा होता है।

दूसरी ओर, landing page का फ़्लो सहज होता है, जो असरदार कॉपी और भरोसा व विश्वसनीयता बढ़ाने वाले एलिमेंट से यूज़र्स को राह दिखाता है।

टेस्टिमोनियल, प्रोडक्ट की ख़ूबियों या सोशल प्रूफ़ के लिए जगह होने की वजह से landing page आमतौर पर मन बनाने के लिए ज़रूरी ज़्यादा कंटेंट देते हैं।

इनमें भटकाव कम होता है क्योंकि नेविगेशन के विकल्प सीमित होते हैं और पूरा फ़ोकस सिर्फ़ CTA पर होता है, जैसे “अभी ख़रीदें” बटन, साइन-अप फ़ॉर्म या डाउनलोड लिंक।

यूज़र एंगेजमेंट और पेज पर बिताया समय

Splash page झटपट इंटरैक्शन के लिए बने होते हैं। यूज़र वहाँ सिर्फ़ कुछ सेकंड बिताते हैं, बस इतना कि समझ सकें कि पेज किस बारे में है और अगले कदम पर जाने का फ़ैसला कर सकें।

एंगेजमेंट का यह न्यूनतम स्तर जानबूझकर रखा गया है, क्योंकि splash page का काम ध्यान खींचना है, उसे देर तक थामे रखना नहीं।

Landing page यूज़र्स को ज़्यादा देर तक रोकने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। चूँकि landing page का सारा ज़ोर कन्वर्ज़न पर है, इसलिए यूज़र आमतौर पर कंटेंट पढ़ने, ऑफ़र पर विचार करने और फ़ैसला लेने में ज़्यादा समय लगाते हैं।

मक़सद यूज़र को कई चरणों से गुज़ारना है, जो उसे मनचाही कार्रवाई पूरी करने तक पहुँचाएँ।

कन्वर्ज़न पाथ और कॉल-टू-एक्शन (CTA)

Splash page पर CTA आमतौर पर काफ़ी सरल और सीधा होता है: यूज़र से आगे बढ़ने के लिए एक बटन क्लिक करने को कहा जाता है। यही बुनियादी विचार है: यूज़र्स को तेज़ी से और असरदार ढंग से आगे बढ़ाना।

यह “एंटर करें” या “जारी रखें” हो सकता है, जो उन्हें साइट में और अंदर या किसी landing page तक ले जाता है।

वहीं landing page कन्वर्ज़न बढ़ाने के लिए एक साफ़ कॉल-टू-एक्शन के इर्द-गिर्द बने होते हैं।

चाहे “अभी सब्सक्राइब करें”, “ई-बुक डाउनलोड करें” या “अभी ख़रीदारी करें” हो, CTA को रणनीतिक रूप से इस तरह रखा जाता है कि वह पेज के कंटेंट और यूज़र के इरादे से मेल खाए।

Landing page के सभी एलिमेंट, हेडलाइन से लेकर बटन के टेक्स्ट तक, यूज़र्स को उसी कार्रवाई की ओर ले जाने के लिए ऑप्टिमाइज़ किए जाते हैं।

एनालिटिक्स और टेस्टिंग

चूँकि splash page ज़्यादातर प्रमोशन या यूज़र का झटपट ध्यान खींचने के लिए होते हैं, इसलिए landing page की तुलना में उन पर शायद उतनी A/B टेस्टिंग न होती हो।

फिर भी splash page को उस एनालिटिक्स से बहुत फ़ायदा होता है जो यूज़र्स के एंगेजमेंट, उनके क्लिक-थ्रू रेट और कन्वर्ज़न रेट को ट्रैक करता है।

Landing page की अक्सर A/B टेस्टिंग होती है। मार्केटर्स कन्वर्ज़न रेट बढ़ाने के लिए आमतौर पर कॉपी, डिज़ाइन, CTA की जगह और बाकी चीज़ों के अलग-अलग वर्ज़न टेस्ट करते हैं।

Splash page बनाम landing page: सीधी तुलना

Splash page और landing page के बीच का फ़र्क समझने से आपको अपनी वेबसाइट या मार्केटिंग कैंपेन में उनका सही इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। यह रही एक सीधी तुलना:

 

मुख्य अंतर एक नज़र में:

  • Splash page जल्दी ध्यान खींचने के लिए बने होते हैं, लेकिन विज़िटर्स वहाँ ज़्यादा देर नहीं रुकते। ये छोटे प्रमोशन, घोषणाओं या यूज़र की बुनियादी जानकारी इकट्ठा करने के लिए आदर्श हैं।
  • Landing page का लक्ष्य साइट विज़िटर्स को ग्राहकों या leads में बदलना है। ये ज़्यादा विस्तृत होते हैं, इनमें साफ़ कॉल-टू-एक्शन होता है और ये आमतौर पर किसी बड़े मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा होते हैं।

Splash page कब इस्तेमाल करना चाहिए?

आमतौर पर splash page तब बहुत अच्छा काम करते हैं जब आपको अपनी ऑडियंस के सामने कुछ जल्दी पेश करना हो या उनका ध्यान ज़ोरदार तरीके से खींचना हो। आप इन स्थितियों में splash page इस्तेमाल करने पर विचार कर सकते हैं:

प्रोडक्ट लॉन्च या घोषणाएँ: Splash page किसी नए प्रोडक्ट या सेवा के लिए उत्साह और उत्सुकता जगाने में मदद करता है। यह नए ऑफ़र का अस्थायी लेकिन असरदार परिचय बनकर काम करता है।

सीमित समय वाले ऑफ़र: Splash page किसी भी समय-सीमा वाले ऑफ़र में जल्दबाज़ी का एहसास जोड़ने के लिए एकदम सही है, और विज़िटर्स को एक समर्पित सेल्स पेज पर रीडायरेक्ट कर देता है।

ईमेल लिस्ट बनाना: चाहे आपको ईमेल पते इकट्ठा करने हों या कोई और संपर्क जानकारी, यूज़र्स के साइट के दूसरे हिस्सों में जाने से पहले splash page lead-कैप्चर का ज़रिया बन सकता है।

Landing page कब इस्तेमाल करें?

कन्वर्ज़न पर केंद्रित हर कैंपेन के लिए landing page ज़रूरी हैं।

चाहे वह पेड विज्ञापन कैंपेन हो, किसी ख़ास ऑफ़र का प्रमोशन हो, या नए प्रोडक्ट का लॉन्च, landing page हर मामले का आख़िरी हल हैं।

इन परिस्थितियों में landing page इस्तेमाल करने पर विचार करें:

Lead generation: अगर आप ईमेल लिस्ट बनाना या संपर्क जानकारी इकट्ठा करना चाहते हैं, तो ई-बुक या वेबिनार जैसे बहुत आकर्षक ऑफ़र वाला landing page उन विज़िटर्स को leads में बदलने में मदद कर सकता है।

प्रोडक्ट बिक्री: Landing page आपका प्रोडक्ट दिखाने और यूज़र्स को ख़रीदारी के सहज अनुभव से गुज़ारने के लिए अच्छे हैं।

इवेंट साइन-अप: वेबिनार, लाइव इवेंट या प्रोडक्ट लॉन्च के लिए साइन-अप को प्रचारित करने और प्रोत्साहित करने के लिए landing page का इस्तेमाल करें; यह सभी ज़रूरी ब्योरे दिखा सकता है।

Splash page बनाम landing page टेम्पलेट

सही प्लेटफ़ॉर्म, जैसे LanderLab, के साथ splash page और landing page आसानी से डिज़ाइन किए जा सकते हैं। इस्तेमाल के लिए तैयार splash page टेम्पलेट और ऊँचे कन्वर्ज़न वाले landing page डिज़ाइन की भरमार के साथ आप अपने लक्ष्यों से मेल खाते पेज जल्दी बना सकते हैं और यूज़र एंगेजमेंट को अधिकतम कर सकते हैं।

यहाँ दोनों तरह के पेज टेम्पलेट के बीच के अंतर और हर एक में क्या देखना है, इसका सार दिया गया है:

Splash page टेम्पलेट

Splash page का मक़सद तुरंत विज़ुअल छाप छोड़ना है। Splash page टेम्पलेट आमतौर पर बेबाक ग्राफ़िक्स, चटक रंगों और छोटे संदेशों पर ध्यान देते हैं। इन्हें ध्यान खींचने और यूज़र को जल्द से जल्द अगली कार्रवाई की ओर धकेलने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Splash page टेम्पलेट में अक्सर ये शामिल होते हैं:

  • फ़ुल-स्क्रीन इमेज या वीडियो: ताकि मज़बूत विज़ुअल असर पड़े और यूज़र का ध्यान खिंचे।
  • न्यूनतम कंटेंट: Splash page छोटे और असरदार रहते हैं, और बस कुछ ही शब्दों से साफ़ व सीधा संदेश देते हैं।
  • सटीक कॉल-टू-एक्शन: एक अकेला बटन या लिंक जो यूज़र को किसी दूसरे पेज या साइट के किसी और सेक्शन तक ले जाता है।

यह रहा एक splash page टेम्पलेट:

ई-बुक splash page टेम्पलेट:

LanderLab splash page टेम्पलेट

Landing page टेम्पलेट

दूसरी ओर, landing page टेम्पलेट कन्वर्ज़न को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए जाते हैं। ये ज़्यादा व्यवस्थित होते हैं, जिनमें साफ़ तौर पर बँटे सेक्शन यूज़र्स को कंटेंट से गुज़ारकर CTA तक ले जाते हैं।

फ़ोकस उन सारी जानकारियों को देने पर रहता है जो यूज़र्स को फ़ैसला लेने के लिए चाहिए।

Landing page टेम्पलेट में आमतौर पर ये होते हैं:

  • असरदार कॉपी: एक दमदार हेडलाइन और सहायक टेक्स्ट जो ऑफ़र या प्रोडक्ट की वैल्यू बताते हैं।
  • भरोसा बनाने वाले एलिमेंट: टेस्टिमोनियल, केस स्टडी या सोशल प्रूफ़ जैसी चीज़ें जो विश्वसनीयता बनाने और कन्वर्ज़न को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
  • रणनीतिक CTA प्लेसमेंट: फ़ैसले की प्रक्रिया के अलग-अलग मोड़ पर यूज़र्स को पकड़ने के लिए पूरे पेज में कई CTA रखे जाते हैं।

ऊँचे कन्वर्ज़न वाला landing page टेम्पलेट:

landing page टेम्पलेट

सही landing page टेम्पलेट चुनना यह पक्का करने के लिए ज़रूरी है कि आपका पेज कन्वर्ज़न के लिए ऑप्टिमाइज़ हो। ऐसे टेम्पलेट खोजें जो आपके मार्केटिंग लक्ष्यों से मेल खाएँ और जिनमें प्रोडक्ट का ब्योरा, टेस्टिमोनियल या ट्रस्ट सील जैसे असरदार एलिमेंट शामिल हों।

Splash page और landing page ऑप्टिमाइज़ेशन: बेस्ट प्रैक्टिस

Splash page और landing page, दोनों को ज़्यादा से ज़्यादा असरदार बनाने के लिए ऑप्टिमाइज़ेशन चाहिए। हर एक के लिए कुछ सुझाव ये हैं:

Splash page:

  • अपने ब्रांड और संदेश से मेल खाने वाले उच्च-गुणवत्ता, ध्यान खींचने वाले विज़ुअल इस्तेमाल करें।
  • टेक्स्ट कम से कम रखें। पक्का करें कि आपका संदेश जल्दी और असरदार ढंग से पहुँचे।
  • पक्का करें कि CTA साफ़ और आसानी से दिखने वाला हो; यूज़र्स को ज़्यादा भटकाव के बिना अगले कदम तक ले जाएँ।

Landing page:

  • पक्का करें कि CTA साफ़, उभरा हुआ और यूज़र के इरादे से मेल खाता हो।
  • असरदार कॉपी और सोशल प्रूफ़ का इस्तेमाल करें, चाहे वे रिव्यू हों, टेस्टिमोनियल हों या केस स्टडी।
  • कॉपी, लेआउट और CTA की जगह को निखारने के लिए A/B टेस्टिंग के ज़रिए अपने landing page के अलग-अलग वर्ज़न टेस्ट करें।

निष्कर्ष

संक्षेप में, splash page और landing page के बीच का फ़र्क समझना ऐसी सहज यूज़र जर्नी बनाने के लिए बेहद ज़रूरी है जो आपकी मार्केटिंग कोशिशों को अधिकतम असर दे।

Splash page झटपट छाप छोड़ने और फिर यूज़र्स को किसी नई मंज़िल की ओर भेजने के लिए बढ़िया हैं। वहीं landing page गहरी जानकारी देकर, जो विज़िटर्स को फ़ैसले की प्रक्रिया से गुज़ारती है, कन्वर्ज़न बढ़ाने पर ध्यान देते हैं।

दोनों तरह के पेज टेम्पलेट की मदद से कामयाबी के साथ बनाए जा सकते हैं, जो आपके लक्ष्यों के अनुसार पेजों को तेज़ी से बनाना और अपने हिसाब से ढालना आसान करते हैं।

चाहे splash page से प्रोडक्ट लॉन्च हो या कन्वर्ज़न-आधारित landing page से lead generation, सबसे अच्छा टेम्पलेट चुनना सफलता के अहम तत्वों में से एक होगा।

Splash page और landing page का इस्तेमाल कैसे और कब करना है यह जानकर, और सही टेम्पलेट चुनकर, आप यक़ीन कर सकते हैं कि आपके मार्केटिंग कैंपेन परफ़ॉर्मेंस के लिए ऑप्टिमाइज़ हैं और आपके बिज़नेस लक्ष्य हासिल करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

 

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